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कभी नीतीश के प्रिय थे अनंत सिंह, सुशासन में भी था जलवा, फिर कैसे बन गए आंख की किररिरी, जानिए छोटे सरकार की कहानी

बिहार के बाहुबली राजनेता अनंत सिंह (Anant Singh) को पटना की MP-MLA कोर्ट ने दोषी करार दिया है. 21 जून को सजा का ऐलान होगा. अनंत सिंह पिछले 34 महीने से पटना की बेऊर जेल में बंद हैं.

इस दौरान उन्होंने 2020 का विधानसभा चुनाव जेल में रहकर ही लड़ा और जीत हासिल की तो वहीं अप्रैल 2022 में हुए MLC चुनाव में भी अपने करीबी कार्तिक सिंह उर्फ कार्तिक मास्टर को चुनाव जिताया. अनंत सिंह मोकामा से पांचवीं बार चुनाव जीते हैं. मोकामा में अनंत सिंह का इतना रसूख है कि उन्हें यहां के लोग छोटे सरकार कहते हैं. वह दो बार नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की टिकट पर विधानसभा पहुंचे हैं.

अनंत सिंह एक जमाने में नीतीश कुमार के बहुत प्रिय थे. एकबार तो बाढ़ शहर में एक भव्य कार्यक्रम में अनंत सिंह ने नीतीश कुमार को चांदी की सिक्कों से तौल कर उनके प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित किया था.

सुशासन में भी अनंत सिंह का जलवा

इस प्रेम प्रदर्शन के बाद वह नीतीश कुमार के दुलारे और लालू यादव की आंख की किरकिरी बन गए. 2005 में जब नीतीश कुमार की सरकार बनी तो बिहार के सभी गुंडों को जेल भेजा जाने लगा. लेकिन अनंत सिंह का जलवा कायम रहा. मोकामा में उनकी विधायकी बनी रही तो उनपर पटना में कई संपत्ति हड़पने के आरोप लगे. पटना के फ्रेजर रोड इलाके में मॉल बनाने के लिए जमीन कब्जाने का आरोप अनंत सिंह पर लगा, लेकिन इस मामले में कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं हुआ.

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लालू-नीतीश साथ आए तो अनंत हुए दूर

इसके बाद नीतीश कुमार जब 2015 में लालू यादव के साथ आ गए तो अनंत सिंह और नीतीश कुमार के बीच दूरियां बढ़ने लगीं. दरअसल 2014 में बाढ़ में छेड़खानी को लेकर युवकों के दो गुटों में विवाद हुआ था. इसके बाद अनंत सिंह के लदमा गांव के पास खेत में पुटुस यादव की लाश मिली थी. इस मामले में विधायक अनंत सिंह का नाम आया था. तब नीतीश के साथ बिहार में चुनाव लड़ रहे लालू प्रसाद रैलियों में बयान दे रहे थे कि अनंत सिंह ने यादव युवक पुटुस कुमार पर हाथ डाला. जिसके परिणाम स्वरूप वह जेल की हवा खा रहा है।

अनंत सिंह सिंह और नीतीश कुमार के रिश्ते तब और खराब हो गए जब 2019 के लोकसभा चुनाव में अनंत सिंह ने अपनी पत्नी को कांग्रेस की टिकट पर नीतीश कुमार के करीबी रहे ललन सिंह के मैदान में उतार दिया. इसके बाद नीतीश कुमार ने उन्हें भाव देना बंद कर दिया.

अनंत सिंह (Anant Singh)

बाद में बाढ़ के लदमा गांव में अनंत सिंह के पैतृक घर में 16 अगस्त 2019 को छापेमारी हुई और वहां से एके 47 राइफल, दो हैंड ग्रेनेड और जिंदा कारतूस बरामद हआ. अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के कहने पर उनके घर AK-47 रखा गया था. अनंत सिंह के खिलाफ इस मामले में UAPA तहत मामला दर्ज किया गया. तब अनंत सिंह ने कई महीनों तक फरारी काटी और इसके बाद दिल्ली के साकेत कोर्ट में आत्मसमर्पण किया.

अंनत को मिली दिलीप सिंह की विरासत

मोकामा से पांच बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले अनंत सिंह भूमिहार समाज से आते हैं. यह क्षेत्र भूमिहार बाहुल्य है. यहां भूमिहार समाज निर्णायक वोटर हैं. अनंत सिंह से पहले उनके बड़े भाई दिलीप सिंह भी यहां से दो बार विधायक रहे थे. दिलीप सिंह लालू प्रसाद यादव की कैबिनेट में मंत्री भी थे. कहते हैं जब यहां से दिलीप सिंह की सहायता से चुनाव जीतने वाले श्याम सुंदर सिंह ने दिन के उजाले में दिलीप सिंह जैसे गुंडे से मिलने से मना कर दिया, तो दिलीप सिंह इस सीट से लालू की पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे और दो बार विधायक बने. दिलीप सिंह की हत्या के बाद अनंत सिंह उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं.

अनंत सिंह की रॉबिनहुड वाली छवि

अनंत सिंह की मोकामा में रॉबिनहुड वाली छवि है. यहां दहेज के लिए किसी लड़की की शादी नहीं हो रही है और उसका पिता अगर अनंत सिंह दरवाजे पर पहुंच जाता है तो अनंत सिंह के डर से लड़के वाले शादी को तैयार हो जाते हैं या फिर कुछ खर्चा पानी देकर शादी करा दिया जाता है. अनंत सिंह शादी मरनी-हरनी में शामिल होते हैं और आर्थिक मदद भी करते हैं. किसी गांव में अगर अनंत सिंह गए हैं. किसी ने मुखिया की शिकायत कर दी तो छोटे सरकार सरेआम मुखिया की क्लास लगा देते हैं.

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