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इनकम टैक्स की रेड में जब्द कैश-जेवर और प्रोपर्टी का क्या होता है? बहुत कम लोगों को पता है ये हकीकत…

Income Tax Raid: इनकम टैक्स की रेड का जिक्र होते ही बड़े से बड़े रसूखदार पूंजीपतियों को पसीने आने लगते हैं. टैक्स की चोरी का पता लगते ही आयकर विभाग की टीम संबंधित व्यक्ति की कुंडली खंगालने लगती है. अब सवाल है इनकम टैक्स की रेड में जब्द कैश-जेवर और प्रोपर्टी का क्या होता है? चलिए आपको बताते हैं।

इन दिनों इनकम टैक्स की कई तस्वीरें सामने आई हैं. जिनमें कैश का पहाड़ और ढेर सारे गहने देखे जा सकते हैं. ज्यादातर लोग इनकम टैक्स की छापेमारी के बाद की कार्रवाई से आज भी अंजान हैं. यहां कहने का मतलब यह है कि ज्यादातर लोग नहीं जानते कि छापेमारी में जब्त की गई धनराशि, जेवर और संपत्ति का विभाग क्या करता है? आइये आपको बताते हैं इनकम टैक्स की छापेमारी और जब्ती के बाद की कार्रवाई के बारे में.

सर्च ऑपरेशन की ABCD

राजस्थान के एक रिटायर्ड अफसर ने इनकम टैक्स की छापेमारी के बारे में अपने अनुभवों को शेयर किया है. नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने ये जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स के छापे से पहले यह चिन्हित किया जाता है कि कौन टैक्स चोरी की संदिग्ध गतिविधियों में शामिल है. संदिग्ध चिन्हित होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में सर्च वारंट जारी किया जाता है. ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्च अभियान के लिए टीम तैयार की जाती है.

सर्च टीम और संदिग्ध की पहचान रहती है गुप्त

अधिकारी ने बताया कि सर्च टीम के हर सदस्य का चयन होने के बाद उन्हें छापेमारी के लिए कहा जाता है. यहां गौर करने वाली बात यह है कि सर्च टीम को बिल्कुल भी नहीं पता होता है कि वे किस घर या संस्थान पर रेड डालने जा रहे हैं. टीम से संदिग्ध व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाती है. यहां तक कि सर्च टीम को यह भी नहीं बताया जाता है कि उन्हें कहा जाना है. जानकारी लीक न हो इसलिए सर्च टीम को ठिकाना नहीं बताया जाता है. उन्हें सारी जानकारी सीलबंद लिफाफे के माध्यम से दी जाती है.

Income Tax Raid इनकम टैक्स

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Income Tax Raid (इनकम टैक्स की रेड)

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कैसे होता है ऑपरेशन?

सर्च टीम में अलग-अलग नंबर तय किए जाते हैं. टीम जब संदिग्ध व्यक्ति के घर या संस्थान में पहुंच जाती है तब उसे ज्ञात होता है कि उसे कहां छापेमारी करनी है. ठिकाने पर पहुंचने के बाद इनकम टैक्स की सर्च टीम संदिग्ध व्यक्ति को सर्च वारंट देती है और सर्च ऑपरेशन शुरू होता है. एक बार सर्च ऑपरेश शुरू हो जाने के बाद उस परिसर से किसी को बाहर जाने की अनुमति नहीं होती है, ना ही उस दौरान वहां कोई आ सकता है.

हर कनेक्शन होता है प्रतिबंधित

सर्च ऑपरेश के दौरान संदिग्ध व्यक्ति और वहां मौजूद उसके परिजन या कर्मचारी फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकते. किसी बाहरी व्यक्ति से बात करने पर मनाही होती है. वैसे अधिकारी मौके पर स्थिति के अनुसार अन्य निर्णय ले सकते हैं. अगर किसी व्यक्ति को वॉशरूम भी जाना है तो उसके लिए इनकम टैक्स ऑफिसर की अनुमति लेना जरूरी है. कई बार सर्च ऑपरेशन काफी देर तक चलता है, इसलिए किचन का इस्तेमाल खाने-पीने के लिए भी किया जाता है.

कैसे जब्त होता है कैश और अन्य चीजें?

इनकम टैक्स रेड में संदिग्ध व्यक्ति से कैश, दस्तावेज और अन्य चीजें जब्द करने के भी तय नियम होते हैं. सर्च ऑपरेश के दौरान संदेह होने पर कंप्यूटर, लैपटॉप या अन्य डिवाइस को भी जब्त किया जाता है. इस जब्ती में टीम का फोकस इन डिवाइस के हार्ड डिस्क पर होता है. कैश, दस्तावेज और जेवर को जब्त किया जाता. सभी जब्त किए गए सामान और कैश का ब्योरा तैयार करने के बाद संदिग्ध को भी इसकी जानकारी दी जाती है और इसे सत्यापित भी कराया जाता है. सर्च ऑपरेशन के बाद बयान भी दर्ज किए जाते हैं. जब इनकम टैक्स विभाग किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में रेड डालता है, तो वहां बिक्री के लिए रखी चीजें जब्त नहीं की जाती.

जब्त कैश का क्या होता है?

जब्त किए गए कैश को आयकर विभाग के आयुक्त से जुड़े बैंक खातों में जमा कराया जाता है. इसके बाद संबंधित अधिकारी पूरी संपत्ति, आय, कैश और अन्य चीजों की बारीकी से जांच करते हैं. पूरी गणना होने के बाद संदिग्ध व्यक्ति की टैक्स चोरी और जुर्माना का हिसाब लगाया जाता है. टैक्स चोरी और जुर्माने की राशि काटने के बाद अगर कुछ बचता है तो संबंधित व्यक्ति को वापस कर दिया जाता है. बता दें कि इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई हर बार एक जैसी नहीं होती. विभाग की प्रक्रिया कई बार कई मामलों में अलग भी हो सकती है.

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